सीखने का सबसे सशक्त माध्यम है अनुभवात्मक अधिगम
प्रयागराज, जुलाई 24 -- प्रयागराज। जगत तारन गोल्डेन जुबिली स्कूल ने 18 जुलाई को छात्र परिषद चुनाव के लिए कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं से पहली बार सीलबंद बैलट बॉक्स में मतदान करवाकर एक नए युग का सूत्रपात किया है। स्कूल की नवनियुक्त प्रधानाचार्या डॉली बनर्जी ने स्कूल में आयोजित अपने पहले कार्यक्रम से ही साफ संदेश दिया है कि नई पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए अनुभवात्मक अधिगम सीखने का सबसे सशक्त माध्यम है। बकौल डॉली बनर्जी-'आज का युग रट्टा विद्या का नहीं है। आज का विद्यार्थी वही है जो करके सीखे, प्रश्न पूछे और समाधान निकाले। मेरी दृष्टि यही है कि हमारे विद्यालय से आजीवन सीखने वाले तैयार हों।'
शिक्षण में नवाचार कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, व्यावहारिक और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए परियोजना-आधारित अधिगम, गतिविधि-आधारित शिक्षण, तकनीक का प्रभा...
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