मेरठ, मार्च 12 -- कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) फंड के खर्च को लेकर सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने एक नई चर्चा छेड़ दी है। मुजफ्फरनगर के सांसद हरेन्द्र मलिक की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने पिछले तीन वर्षों का ब्योरा पेश किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश में कंपनियां विकास और सामाजिक कार्यों के लिए धार्मिक नगरों काशी-मथुरा और औद्योगिक जिले गौतमबुद्धनगर को प्राथमिकता दे रही हैं। हालांकि मेरठ, मुजफ्फरनगर जिलों को भी पैसा मिला है, लेकिन वह बहुत कम है। मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र सिंह मलिक ने लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यग से कार्पोरेट मामलों के मंत्री से मुजफ्फरनगर और शामली समेत विभिन्न जिलों में सीएसआर के तहत कंपनियों के खर्च की जानकारी चाही गई थी। कार्पोरेट मामलों के मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने नौ...
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