जमशेदपुर, अप्रैल 3 -- झारखंड सरकार की ओर से निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस वर्तमान में डिजिटल इंडिया के साथ कदमताल करने के मामले में सरकारी सुस्ती का शिकार हो गए हैं। राज्य के इन सबसे अपडेट माने जाने वाले स्कूलों का डिजिटल चेहरा दो वर्षों से पूरी तरह सुस्त है। विडंबना यह है कि इन स्कूलों की जिस वेबसाइट को अभिभावकों और छात्रों की सुविधा के लिए बनाया गया था, उसे वर्ष 2024 के बाद से अपडेट ही नहीं किया जा सका है। इस लापरवाही के कारण न तो नए सत्र के नामांकन की सूचना समय पर मिल पा रही है और न ही मेरिट लिस्ट देखने के लिए कोई विकल्प उपलब्ध है। पूर्वी सिंहभूम की स्थिति इस बदहाली का प्रत्यक्ष उदाहरण पेश करती है। जिले में संचालित तीन प्रमुख उत्कृष्ट विद्यालयों सीएम स्कूल ऑफ ...