मुजफ्फरपुर, मार्च 6 -- मुजफ्फरपुर, वसं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक बिहार की सत्ता छोड़कर राज्यसभा जाने के फैसले को सत्ता पक्ष और विपक्ष अपने-अपने तरीके से मायने निकाल कर रहे हैं। सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रीय भूमिका का विस्तार बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे बिहार की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक बदलाव की भूमिका मान रहा है। सत्ता पक्ष के कई विधायकों व जिलाध्यक्षों का कहना है कि राज्यसभा जाने का फैसला उनका व्यक्तिगत है। उनका मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका को नया आयाम देगा। उनके अनुभव का लाभ देश को मिलेगा। विपक्षी दलों ने इस फैसले को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। उनका आरोप है कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक करियर और उनकी पार्टी को कमजोर कर दिया है। बिहार में जो जनादेश मिला था, वह नीतीश कुमार क...