बदायूं, सितम्बर 11 -- चिटफंड कंपनी खोलकर करोड़ों रुपये का गबन करने के आरोप में फरार शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य की गिरफ्तारी आखिरकार हो गई, लेकिन इस कार्रवाई ने पुलिस तंत्र की रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद भी दोनों को पकड़ने में 15 महीने से ज्यादा का समय लगा। इस दौरान आरोपियों को सफेदपोश संरक्षण और अदालत से मिली राहत चर्चा में रही। चार जुलाई 2025 को सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और तत्कालीन जिला बार एसोसिएशन सचिव अरविंद पाल सिंह परमार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरा मामला रखा था। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद दोनों भाई हाईकोर्ट पहुंचे और गिरफ्तारी पर रोक हासिल कर ली। निवेशकों की रकम लौटाने समेत तय शर्तें पूर...