लखनऊ, फरवरी 19 -- - असुरक्षित ऋण देने व आयकर छूट का लाभ न ले पाने की कमियां भी लखनऊ, विशेष संवाददाता भारत के नियंत्रक व महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) में 25 करोड़ रुपये की आर्थिक अनियमितताओं के साथ ही असुरक्षित ऋण प्रदान किए जाने व आयकर छूट का लाभ न ले पाने जैसी खामियां उजागर हुई हैं। यह भी सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो कंपनियों को 255.75 करोड़ रुपये में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास का काम सौंपा गया था। रिपोर्ट में औद्योगिक भूखंडों के आवंटन, भूमि अधिग्रहण तथा बोली दस्तावेजों के मूल्यांकन में बरती गईं लापरवाही को लेकर भी यूपीसीडा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। सीएजी ने वर्ष 2017-18 से 2021-22 के दौरान के कार्यों की समीक्षा की है, जिसे गुरुवार को सदन के पटल पर रखा ...