बिजनौर, मई 5 -- नगीना। सीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने आशाओं की समीक्षा बैठक में सख्त रुख अपनाया। संस्थागत प्रसव न कराने वाली आशाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। जिन 22 आशाओं ने संस्थागत प्रसव नहीं कराए हैं उन्हें नोटिस जारी किया गया। यदि 7 दिन में इन आशाओं द्वारा संस्थागत प्रसव नहीं कराए गए तो सेवा समाप्त कर दी जाएगी। यदि कोई आशा प्राइवेट हॉस्पिटल में डिलीवरी कराती है तो सेवा समाप्ति के साथ एफआईआर दर्ज होगी। डॉ. दिवाकर चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्राइवेट अनरजिस्टर्ड या झोलाछाप द्वारा डिलीवरी कराने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। यह भी पढ़ें- 'घर पर प्रसव के जोखिम को लेकर महिलाओं को जागरूक करें' बैठक में बीसीपीएम, बीपीएम, एआरओ, स्टाफ नर्स स्वाति, पूजा, कीर्ति, बबीता, डॉ. सविता आदि रहीं। यह भी पढ़ें- स्वास्...
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