गंगापार, जून 2 -- कोरांव, हिन्दुस्तान संवाद। सीएचसी कोरांव जिले से लगभग 70 किमी दूर है। इस क्षेत्र में लगातार मार्ग दुर्घटनाओं सहित अन्य घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर ट्रॉमा सेंटर न होने से गंभीर मरीज जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते मौत के गाल में समा जाते हैं।बैदवार के अर्जुन मिश्र और सिरोखर की गुलाब कली सहित तमाम लोग समय पर जांच पड़ताल के बाद उपचार का लाभ न पाने पर इसी के शिकार हुए हैं। इस संबंध में सीएचसी कोरांव के अधीक्षक डॉ. केवी सिंह सहित अन्य डॉक्टरों ने बताया कि यदि यमुनापार के कोरांव अथवा मेजा में ऐसी व्यवस्था हो जाती तो गंभीर मरीज काफी हद तक बचाए जा सकते हैं।

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