नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- सुप्रीम कोर्ट की केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) ने हिमाचल प्रदेश के नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम को बचाने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। कमेटी ने विकास के बढ़ते दबाव और मानसून की अभूतपूर्व बारिश व भूस्खलन से हुए भारी नुकसान का हवाला दिया है। इन सुझावों में प्रमुख पर्यटन स्थलों की 'वहन क्षमता' का वैज्ञानिक आकलन करना, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा हाईवे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा करना, और नई हाइड्रोइलेक्ट्रिक (जलविद्युत) परियोजनाओं खासकर 2,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित परियोजनाओं के लिए एक स्क्रीनिंग सिस्टम बनाना शामिल है। सीईसी एक राष्ट्रीय स्तर की संस्था है, जिसे 2002 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद गठित किया गया था। 2023 में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इसे वैधानिक दर्जा दिया। समिति का मुख्य काम पर्यावरण और वन...