नई दिल्ली, अगस्त 20 -- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपने जवानों में आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए सीनियर अधिकारियों का 10 सदस्यों वाला एक कोर ग्रुप बनाया। सीआरपीएफ में 2025 में आत्महत्या के 59 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा थे। अधिकारियों ने बताया कि इस ग्रुप की अगुवाई सीआरपीएफ के महानिदेशक करेंगे और यह ग्रुप ऐसी घटनाओं की विस्तृत समीक्षा करने के लिए महीने में एक बार बैठक करेगा। 2021-25 के आंकड़ों के अनुसार, 77 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मौतें तब हुईं जब जवान ड्यूटी पर थे, जबकि बाकी मौतें छुट्टी के दौरान हुईं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...