रांची, फरवरी 27 -- रांची, संवाददाता। केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) कांके के पूर्व निदेशक डॉ दया राम की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने उनकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका सुनवाई के पश्चात खारिज कर दी है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के पश्चात 25 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था। उन पर अपने कार्यकाल में नियुक्ति परीक्षा समेत अन्य अनियमितताओं का आरोप है। मामले को लेकर सीबीआई ने धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत पिछले दिनों प्राथमिकी दर्ज की गई है। डॉ दया राम 17 जनवरी 2013 से 14 फरवरी 2021 तक निदेशक थे। जनवरी 2024 में वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन्होंने अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए 13 फरवरी को याचिका दाखिल की थी।
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