बुलंदशहर, जनवरी 23 -- जिले की स्वास्थ्य सेवाएं खुद ही ''आईसीयू'' में नजर आ रही हैं। शासन द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर अस्पतालों को आधुनिक मशीनें तो मुहैया करा दी गईं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों (रेडियोलॉजिस्ट) की तैनाती करना भूल गया। आलम यह है कि जिले की 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर लगी एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीनें धूल फांक रही हैं। इलाज के अभाव में मरीज और तीमारदार निजी सेंटरों पर लुटने को मजबूर हैं, जबकि सरकारी मशीनरी केवल कागजी पत्राचार तक सीमित रह गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते मरीजों को निजी सेंटरों पर रूपये खर्च करने पड़ रहे हैं। - मशीनों का मखौल, एटीएम से सिर्फ बीपी की जांच मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की लागत से लगाई गई हेल्थ ...
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