सतना, फरवरी 19 -- मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर चाहे जितने भी बड़े-बड़े दावे कर ले,लेकिन जमीनी हकीकत अक्सर उन दावों की पोल खोल देती है। मध्य प्रदेश के सतना जिले के उचवा टोला से एक ऐसी ही मार्मिक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां पिछले 16 सालों यानी कि 2010 से कोई सरकारी स्कूल भवन नहीं है। शहर के उचवा टोला निवासी मे 23 बच्चों का भविष्य एक गरीब रामसज्जन मल्लाह के निजी घर के एक छोटे से कमरे में संवर रहा है। हैरानी की बात यह है कि रामसज्जन ने इसके लिए आज तक सरकार से एक रुपया भी किराया नहीं लिया है। सिस्टम की बेरुखी और एक आम आदमी के असाधारण जज्बे की यह कहानी हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है।आधा घर किया शिक्षा के नाम दान दरअसल उचवा टोला निवासी रामसज्जन मल्लाह की आर्थिक स्थिति बहुत सामान्य है। उनके पास रहने के लिए...
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