नई दिल्ली, जुलाई 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें एक धर्म विशेष के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से पहले अपनी शिकायत पुलिस को देने और उनसे सिस्टम पर भरोसा रखने के लिए कहा। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्ला और शील नागू की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता मो. अनस चौधरी की ओर से अधिवक्ता रजत कुमार ने याचिका का उल्लेख करते हुए इस पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया। उन्होंने पीठ से कहा कि याचिका पर तुरंत सुनवाई करने की जरूरत है क्योंकि एक धर्म विशेष के खिलाफ की गई टिप्पणियों से सांप्रदायिक अशांति फैल सकती है। जस्टिस अमानुल्ला ने कानूनी प्रक्रिया और स्थानीय पुलिस/सक्षम अधिकारियों को नजरअंदाज कर सीधे सुप्रीम कोर्ट म...