फर्रुखाबाद कन्नौज, मार्च 21 -- फर्रुखाबाद, संवाददाता। जल के संरक्षण की उपयोगिता, बढ़ते जल संकट पर सबका ध्यान खींचने को भले ही हर साल विश्व जल दिवस मनाया जाता है मगर जल दिवस का जो औचित्य है उस पर यदि गंभीरता दिखायी जाये तो इसके परिणाम ही कुछ और ही हो सकते हैं। सिस्टम की लापरवाही ही मानी जाएगी कि हर रोज हजारों लीटर पानी ऐसे ही बर्बाद हो जाता है। पानी की लाइनें जहां लीकेज होने से बर्बादी नहीं रुक रही है तो वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थानों पर टोटियों से पानी हमेशा बहता रहता है। कहने को तो विश्व जल दिवस पर सेमिनार, कार्यशालायें, गोष्ठियां सब कुछ होगा मगर जल संरक्षण पर गंभीरता सिर्फ एक दिन के लिए ही दिखायी जायेगी। यदि इसके पीछे देखें तो इसमें कहीं न कहीं हम सबकी भी लापरवाही है। दरअसल घरों से ही पानी की उपयोगिता और उसके संरक्षण की शुरुआत होनी चाहि...
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