मिर्जापुर, मार्च 8 -- मिर्जापुर। 18वीं-19वीं शताब्दी में व्यापारिक गतिविधियों और कारीगरों की बसावट वाले मोहल्ले में समय के साथ आबादी बढ़ी, सुविधाएं नहीं। जर्जर सड़क, जाम नालियां, कूड़ा प्रबंधन की कमी और पानी-बिजली की अनियमितता जैसी बुनियादी समस्याएं इस ऐतिहासिक मोहल्ले के सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। पार्क और सामुदायिक भवन का अभाव भी अखरता है। बाशिंदों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। जरूरतों के अनुसार नगरपालिका सुविधाएं मुहैय्या कराए तो छोटी बसही के हालत सुधरे। छोटी बसही मोहल्ला शहर के उन पुराने इलाकों में शामिल है, जहां की गलियों में इतिहास की परछाइयां आज भी दिखाई देती हैं। कभी व्यापार, कारीगरी और सांस्कृतिक समरसता के लिए पहचान रखने वाला यह मोहल्ला आज मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहा है। जर्जर सड़कें, जाम नालियां, कूड़ा प्रबंधन की कमी, प...