औरैया, जुलाई 17 -- जिला उपभोक्ता आयोग ने लोन की पूरी अदायगी के बावजूद सिबिल रिकॉर्ड अपडेट न करने के मामले में महिंद्रा फाइनेंस और सिबिल के खिलाफ महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने इसे सेवा में कमी मानते हुए सिबिल रिकॉर्ड सुधारने के साथ उपभोक्ता को हर्जाना देने का भी आदेश दिया है। परिवादी अनिल त्रिपाठी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2009 में वाहन ऋण लिया था और वर्ष 2012 तक उसकी पूरी किस्तें जमा कर दी थीं। इसके बावजूद 8 जून 2025 को सिबिल स्कोर की जांच करने पर उनके रिकॉर्ड में ऋण संबंधी विसंगति के साथ ''सूट फाइल'' दर्ज दिखाई दिया। इसके कारण उन्हें अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण और वित्तीय सुविधाएं मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। यह भी पढ़ें- 5 मिनट में 50 हजार रुपये का छोटा लोन, लेकिन बड़ा जाल! तुरंत पैसे के चक्कर में ऐसे फंस रहे हैं लाखों लोग ...