नई दिल्ली, अक्टूबर 25 -- कहते हैं कि अगर सही दिशा में कदम बढ़ाया जाए, तो एक ना एक दिन आपको सफलता जरूर मिलती है। सिविल सेवा की फील्ड में हमें ऐसी कहानियां देखी या पढ़ी हैं जहां लोग अपना प्रोफेशन बदल कर इस फील्ड में आते हैं। इतना ही नहीं कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद उन्हें सफलता भी मिलती है। कुछ ऐसी ही कहानी है राजस्थान नौगार के रहने वाले विनय मोहन की। 10 साल कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने सिविल सर्विस में सफलता पाई और 2 बार आरएएस की परीक्षा क्रैक करके एसडीएम बने। दिलचस्प बात यही है कि उन्होंने एसडीएम बनने के लिए आईआईटी कानपुर कैंपस को छोड़ दिया और सिविल सर्विस की राह चुनी। लेकिन विनय मोहन को इतनी आसानी से सफलता नहीं मिली। उन्हें कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा। साथ ही इस दौरान उनको समाज के ताने भी सहने पड़े। लेकिन उन्होंने अपनी मंजिल से क...