रांची, मार्च 22 -- सिल्ली, प्रतिनिधि। चैती छठ महापर्व की शुरुआत रविवार को नहाय-खाय अनुष्ठान के साथ हो गई। चार दिनों तक चलने वाले इस पवित्र पर्व के पहले दिन व्रतियों ने स्नान कर कद्दू-भात का प्रसाद ग्रहण कर परंपरा निभाई। यह पर्व बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में गहरी आस्था के साथ मनाया जाता है और सूर्य देव तथा छठी मैया को समर्पित है। छठ पर्व के दौरान व्रती 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखते हैं और पूरी श्रद्धा से पूजा-अर्चना करते हैं। इस वर्ष चैती छठ का आयोजन 22 मार्च को नहाय-खाय, 23 मार्च को खरना, 24 मार्च को संध्या अर्घ्य और 25 मार्च को उषा अर्घ्य एवं पारण के साथ संपन्न होगा। पहले दिन व्रती घर की साफ-सफाई कर शुद्ध और सात्विक भोजन तैयार करते हैं। पूरे अनुष्ठान के दौरान पवित्रता और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है। छठ महापर्व न केवल आस्था ...
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