मथुरा, मार्च 28 -- प्रसिद्ध नरी-सेमरी माता मंदिर के 10 दिवसीय मेले की रौनक इस बार कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी से फीकी पड़ गई। गैस न मिलने से खाने-पीने की दुकानें गत वर्ष की तुलना में आधी से भी कम रह गईं, जबकि कुछ दुकानदार लकड़ी की भट्ठियों पर काम करने को मजबूर हैं। मेले में प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु आते हैं और सैकड़ों दुकानें लगती हैं, लेकिन इस बार सिलेंडर की अनुपलब्धता से दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है। नरी निवासी भटूरे विक्रेता भीष्म ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें लकड़ी की भट्टी जलानी पड़ रही है, इससे लागत बढ़ गई है। लकड़ी के गुटके भी करीब 15 रुपये प्रति किग्रा तक मिल रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि लकड़ी की भट्टी पर खाना बनाने में धुआं एवं अधिक समय लगने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इससे ग्राहकों को भी इंतजार करना पड़...