बांदा, अप्रैल 6 -- बांदा, संवाददाता। घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत की वजह से जरूरतमंदों को सस्ता व अच्छा भोजन उपलब्ध करा रहीं प्रेरणी दीदी कैफे (प्रेरणा कैंटीन) भी प्रभावित हुई हैं। संचालक महिलाओं के लाइन में लगने के बावजूद गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। इससे कई प्रेरणा कैंटीन बंद हो चुके हैं। करीब 50 प्रतिशत कैंटीन संचालित हो रहे हैं, वह भी लकड़ी चूल्हा या फिर कोयला भट्ठी के भरोसे। ऐसे में महिलाओं को भोजन बनाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने सोमवार को जनपद के प्रेरणा कैंटीन की पड़ताल की तो समूह की महिलाओं ने अपनी दुश्वारियां बताईं। कहा कि भट्ठी व चूल्हे से खाना तो बन रहा है, पर महंगा पड़ रहा है। चाय आदि बनाने में समय ज्यादा लगता है। इससे ग्राहक नाराज होते हैं और दुकानदारी भी कम हो रही है। जिम्मेद...
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