सिर काटकर बैग में घुमाने वाला सतीष 13 साल से था फरार; 2000 में हो चुकी फांसी की सजा
अहमदाबाद, मई 25 -- 1994 में नृशंस हत्याकांड में मौत की सजा के बाद फरार हुए कैदी को अहमदाबाद पुलिस ने 13 साल बाद सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। दोषी 2013 में पैरोल पर बाहर आया था और तब से फरार था। हत्याकांड बेहद जघन्य और सनसनीखेज था। उसने एक व्यापारी का सिर धड़ से अलग कर दिया था और उसे बैग में रखकर घूम रहा था। गिरफ्तार शख्स की पहचान सतीष हिम्मतलाल रूपा रेलिया उर्फ भीखू ऊर्फ संजय ठक्कर के रूप में हुई है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच उसे 13 साल बाद अरेस्ट करने में सफल हुई है। सतीष ने 1994 में अहमदाबाद के नीलम होटल में एक सनसनीखेज हत्या और लूटकांड को अंजाम दिया था। यह भी पढ़ें- कांग्रेस के लिए टेंशन वाली बात! गुजरात से पहली बार नहीं होगा कोई राज्यसभा सांसद2000 में फांसी की सजा सुनाई गई अप्रैल 2000 में अहमदाबाद की अतिरिक्त सिटी सेशंस कोर्ट ने उसे ...
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