नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल मामलों की सुनवाई के संबंध में नया नियम जारी किया है। उच्चतम न्यायालय ने प्रक्रिया से जुड़े एक अहम निर्देश में कहा है कि 'अत्यंत आवश्यक मामले' जिनमें सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया का इंतजार नहीं किया जा सकता, उनका सिर्फ मुख्य न्यायाधीश (CJI) के सामने उल्लेख किया जा सकता है। फिर भले ही वह किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता करने में व्यस्त हों।पहले क्या थे नियम आम तौर पर, यदि मुख्य न्यायाधीश उपलब्ध नहीं हैं या किसी संविधान पीठ की अध्यक्षता में व्यस्त हैं, तो अत्यावश्यक सुनवाई वाले मामलों को सूचीबद्ध करने और सुनवाई के लिए उच्चतम न्यायालय के सबसे सीनियर जज के सामने उल्लेख किया जाता है। यह भी पढ़ें- बंगाल में 27 लाख 'संदिग्ध' नहीं डाल पाएंगे वोट! चुनाव से ठीक पहले SC का सख्त रुखअब सिर्फ CJI के पास जाएंगे अ...
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