रायपुर, मार्च 19 -- भाजपा शासित एक राज्य में धर्मांतरण को लेकर विधेयक पेश किया गया है। इसमें कहा गया है कि केवल विवाह को ही धर्मांतरण के लिए पर्याप्त नहीं माना जाएगा। विधेयक का उद्देश्य जबरदस्ती, दबाव, अनुचित प्रभाव, प्रलोभन, गलत बयानी, धोखाधड़ी या विवाह के माध्यम से किए गए धर्मांतरण पर रोक लगाना है। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में एक विधेयक पेश किया। छत्तीसगढ़ के गृह मंत्रालय के प्रभारी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा सदन में पेश किए गए छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 में कड़े प्रावधान किए गए हैं। उन मामलों में 20 साल तक की कैद का प्रावधान भी है जिनमें नाबालिग, महिलाएं, मानसिक रूप से विकलांग व्यक्ति या अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग के सदस्य धर्मांतरण से पीड़ित हैं। विधेयक में कहा गया है कि सभी अपराध ...
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