नई दिल्ली, मार्च 12 -- आरक्षण के मुद्दे पर महत्वपूर्ण फैसला पारित करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिर्फ माता-पिता के वेतन और आय के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में क्रीमी लेयर तय नहीं की जा सकती। शीर्ष अदालत ने कहा कि माता-पिता या अभिभावक के पद और सामाजिक स्थिति को दरकिनार कर सिर्फ आय के आधार पर क्रीमी लेयर तय करना कानून की नजर में सही नहीं है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और आर. महादेवन की पीठ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ओबीसी श्रेणी के करीब 60 अभ्यर्थियों को राहत देते हुए यह फैसला दिया। इन अभ्यर्थियों को 2016 में सिविल सेवा परीक्षा उतीर्ण होने के बाद भी गलत तरीके से क्रीमी लेयर बताकर नियुक्ति देने से इनकार कर दिया था। विभिन्न उच्च न्यायालयों के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की अपील खारिज करते हुए, शीर्ष अदालत ने 65 पन्नों के अपने फैस...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.