बिहारशरीफ, अगस्त 13 -- पौधरोपण का सच : 10 सिर्फ पौधे लगाना काफी नहीं, उन्हें सींचकर बड़ा करना है बहुत जरूरी पेड़ लगाने से काम नहीं चलेगा, हरियाली के लिए अपनानी होगी वृक्षपालन की संस्कृति पौधों को जमीन में गाड़ लावारिस छोड़ देने से वे बन जाते हैं मवेशियों का चारा फोटो (8 लोग) राजीव रंजन भारती विकास मेघल नवीन कुमार बिट्टू पांडेय प्रमोद कुमार उदय कुमार हिमांशु, डिकेश कुमार विनय प्रकाश अपर इंट्रो : हर साल मॉनसून आते ही सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर पौधरोपण का महाभियान शुरू हो जाता है। गड्ढे खोदे जाते हैं, पौधे लगते हैं और कैमरे के फ्लैश चमकते हैं। लाखों रुपये खर्च कर 'हरियाली' के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन, कुछ ही महीनों बाद ये दावे सूखकर ठूंठ बन जाते हैं। 'पौधरोपण का सच' यह है कि पौधों को जमीन में गाड़कर लावारिस छोड़ दिया जाता है, जिससे वे य...