नई दिल्ली, अगस्त 6 -- दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बुधवार को साफ किया कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन'(एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम सिर्फ इसलिए नहीं हटाया जाएगा क्योंकि उनका नाम 2002 में तैयार की गई वोटर लिस्ट में नहीं था। यह स्पष्टीकरण आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 1997 में आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएशन करने और बाद में राजधानी में ही कानून की पढ़ाई करने के बावजूद उन्हें 2002 की वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं मिला। भारती ने उन खबरों पर भी चिंता जताई जिनमें कहा गया है कि राजधानी में वोटर लिस्ट में सुधार की प्रक्रिया के दौरान 20 से 30 लाख नाम हटाए जा सकते हैं। आप नेता के इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कह...