बुलंदशहर, अप्रैल 22 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि केवल एक या दो आपराधिक मामलों के आधार पर किसी व्यक्ति को 'गुंडा' घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि ऐसा करना व्यक्ति और उसके परिवार की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाता है। न्यायमूर्ति संदीप जैन ने यह टिप्पणी बुलंदशहर के सतेंद्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें छह महीने के जिला बदर आदेश को चुनौती दी गई थी।यह आदेश बुलंदशहर के अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) द्वारा पारित किया गया, जिसे मेरठ मंडल के आयुक्त ने भी बरकरार रखा था। प्रशासन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज दो आपराधिक मामलों के आधार पर उसे आदतन अपराधी बताते हुए समाज के लिए खतरा माना था। यह भी कहा गया कि उसकी गतिविधियों से इलाके में भय का माहौल बन गया, जिससे लोग उसके खिलाफ गवाही देने से कतराते हैं।हालांकि, हाईकोर...