गोंडा, मई 20 -- गोण्डा, संवाददाता। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी सुविधाओं को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई गोनार्द स्वच्छता मार्ट योजना जिले में दम तोड़ती नजर आ रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए अधिकांश स्वच्छता मार्ट उद्घाटन के कुछ समय बाद ही बंद हो गए हैं। कहीं निर्माण अधूरा है तो कहीं केंद्रों पर ताले लटक रहे हैं। इससे योजना का लाभ न तो ग्रामीणों तक पहुंच पा रहा है और न ही महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। जिले के 16 ब्लॉकों की 336 ग्राम पंचायतों में पहले चरण में गोनार्द स्वच्छता मार्ट का निर्माण कराया गया। हर मार्ट करीब एक लाख रुपये खर्च किए गए। योजना के तहत गांवों में सेनेटरी पैड, हैंडवॉश, साबुन और अन्य स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई थी। इसके संचालन ...