संभल, मई 26 -- कस्बा सिरसी में रविवार को इदारा-ए-हाशमी सिरसी सादात की ओर से कदीमी 'जुलूस-ए-मक्का से सफर' बड़े अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस में हजारों की तादाद में शिया समुदाय के लोगों ने शिरकत कर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे कस्बे में 'या हुसैन' और 'लब्बैक या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे माहौल गमगीन और रूहानी बना रहा। जुलूस की शुरुआत मजलिस और तिलावत-ए-कुरआन से हुई, जिसके बाद अलम, ताबूत, सजाए गए घोड़े और ऊंटों पर रखी अमारियां जुलूस का हिस्सा बनीं।

जुलूस की विशेषताएँ अंजुमनों के नौहाख्वानों ने करबला के वाकये और इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की कुर्बानी को बयान करते हुए नौहाख्वानी की, जिसे सुनकर अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। उलेमा-ए-किराम ने बताया कि इस्लामी तारीख के मुताबिक, 28 रजब वह दिन है जब ह...