नई दिल्ली, जुलाई 13 -- राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने सोमवार को सिम्भावली शुगर के खिलाफ शुरू की गई दिवाला प्रक्रिया को सही ठहराया। साथ ही, कंपनी के निलंबित निदेशक और गन्ना किसानों के एक समूह की अपीलें खारिज कर दीं। न्यायमूर्ति योगेश खन्ना और न्यायमूर्ति अजय दास मेहरोत्रा की पीठ ने एनसीएलएटी ने यह भी निर्देश दिया कि कंपनी की दिवाला प्रक्रिया संभाल रहे रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) गन्ना किसानों द्वारा किए गए बकाया भुगतान के दावों पर कानून के अनुसार विचार करें। पीठ ने कहा कि अदालत गन्ना किसानों की चिंता को समझती है। इसलिए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को कंपनी के समाधान की प्रक्रिया के दौरान किसानों के दावों की उचित जांच करनी चाहिए। गन्ना किसानों का कहना था कि उत्तर प्रदेश गन्ना (आपूर्ति एवं खरीद विनियमन) अधिनियम, 1953 के तहत उ...