सिमरिया मेले में पत्थर के जवाब में अंग्रेजों ने दागी थी गोलियां
हरदोई, अगस्त 13 -- हरदोई, वरिष्ठ संवाददाता। सात नदियों से घिरे हरदोई जिले का जंगे आजादी से गहरा नाता है। यहां कभी लोगों ने कोड़े खाए तो कभी गोली, लेकिन उनका हौंसला नहीं टूटा। 26 जनवरी 1932 को सांडी थाने के गांव सिमरिया में अंग्रेजों ने क्रांतिवीरों पर पथराव के जवाब में गोलियां बरसाई थीं। गांव शेखापुर नगरिया के निवासी रामसरन मिश्र को गोली लगी थी, पर वे बच गए थे। बाद में उन्होंेने अपने घाव दिखाकर इस घटना को बयां किया। पुराने किस्से याद कर आज भी लोग आजादी के दीवानों की चर्चा करते हैं। हरदोई का स्वतंत्रता संग्राम एवं सेनानी पुस्तक के पृष्ठ 10 पर सिमरिया कांड का वर्णन है। इसमें लिखा है कि लाहौर में स्वीकृत पूर्ण स्वतंत्रता की मांग प्रस्ताव की वर्षगांठ 26 जनवरी 1932 को देशभर में मनाई जा रही थी। हरदोई में भी मंडलवार मांग ने तेजी पकड़ी। सिमरिया मंड...
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