कटिहार, जनवरी 5 -- कटिहार, निज प्रतिनिधि नदियों के सूखने और प्राकृतिक जल श्रोत का अस्तित्व खत्म होने के कारण सिंचाई का संकट भी हो रहा है l जिले में नहर, पाईन, आहर, नदियों की उप धारा की जगह सिंचाई के लिए किसान पंपिंग सेट पर निर्भर हैं l वर्षा जल संचय नहीं होने के कारण भूमिगत जलस्तर भी नीचे जा रहा है l अंडरग्राउंड वाटर रिचार्ज नहीं होने से जिले के कई इलाकों में पेयजल की समस्या भी हो रही है l तीन दशक पूर्व तक आठ से 10 फीट पर पानी निकल जाता था l अब 17 से 20 फीट तक बोरिंग करनी होती है l आमदाबाद, समेली जैसे प्रखंडों में 30 फीट से भी अधिक बोरिंग करनी होती है l हालांकि जिले में पानी की किल्लत जैसी कोई बड़ी समस्या नहीं है लेकिन छोटी नदियों का अस्तित्व खत्म होने के कारण किसानों को सिंचाई में डीजल पर अधिक खर्च करना पड़ता है l चार दशक पूर्व तक किसान ...
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