जमुई, जनवरी 4 -- जमुई/झाझा, कार्यालय संवाददाता जमुई जिले में नदियां सूखने से गहराता जल संकट चिंताजनक है, जिसका मुख्य कारण अत्यधिक बालू खनन, अतिक्रमण और कम बारिश है, जिससे किऊल, बरनार जैसी नदियां सिमट रही हैं और भूजल स्तर भी नीचे जा रहा है, जिससे सिंचाई व पीने के पानी की कमी हो रही है, और कई छोटी नदियां तो लगभग लुप्त हो चुकी हैं, जिससे किसानों की दोहरी मार पड़ रही है। जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के सबलपुर जंगली क्षेत्र से बहने वाली दुहवा और सिर्मनिया नदियां अपना अस्तित्व खो चुकी हैं। इन नदियों में पहाड़ों से लगभग पांच किलोमीटर तक पानी का बहाव होता था, लेकिन अब केवल बरसात के दिनों में ही इनमें पानी दिखाई देता है। इधर उलाय नदी झाझा समेत कई प्रखंडों की दशकों से लाइफलाइन रही है। पर,हालिया सालों में इस लाइफलाइन की 'लाइफ' पर ही गंभीर संकट मंडरा...
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