बिजनौर, मई 1 -- बिजनौर। जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां मकान खरीदने के बावजूद सिंचाई विभाग के ड्राफ्टमैन को उसका ही घर खाली नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। नगीना के मोहल्ला लुहारी सराय निवासी मौ. शारिक पुत्र खालिद हुसैन सिंचाई विभाग खंड 7 बिजनौर में डाफ्टमैन के पद पर तैनात है। वर्तमान में शारिक मध्य गंगा बैराज कालोनी में रह रहे है। जानकारी के अनुसार, शारिक ने एक मार्च 25 को आवास विकास कालोनी स्थित एक मकान को बिजनौर में तैनात पुलिस के सिपाही से खरीदा था। बैनामे के समय सिपाही ने तीन माह में मकान खाली करने की शर्त पर पांच हजार मासिक किराए पर रहने की बात कही थी। आरोप है कि दो माह तक सिपाही ने मकान का किराया दिया, इसके बाद स...