गोड्डा, मार्च 28 -- मेहरमा, एक संवाददाता। नवरात्रि के नौवें दिन आदिशक्ति मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की उपासना के साथ ही शुक्रवार को नवरात्र का समापन हो गया। जीवन में यश, बल और धन की प्राप्ति हेतु सिद्धि और मोक्ष देने वाली देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। जिसका रूप अत्यंत सौम्य है। इनकी चार भुजाएं हैं। जिनमें दाईं भुजा में चक्र और गदा, जबकि बाईं भुजा में शंख और कमल का फूल धारण किया है। सनातन धर्म में नवरात्र पर्व का विशेष महत्व है। पर्व के अंतिम दिन हवन और कन्या पूजन किया जाता है। बिना कन्या पूजन के नवरात्र व्रत पूरी नहीं मानी जाती। इसलिए उन्हें सम्मान पूर्वक खीर पुड़ी आदि का भोजन कराया गया। जबकि विदा करते समय भेंट स्वरूप वस्त्र, फल एवं श्रृंगार के समान भी प्रदान किए गए। क्षेत्र के कसबा, बलबड्डा, अमौर, दरियापुर, खट्ठी, चौरा, ली...
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