बिजनौर, जून 9 -- थाना क्षेत्र हीमपुर दीपा के अंतर्गत ग्राम झाल- उलेढ़ा स्थित सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ सती माता मंदिर के प्रांगण में चल रही संगीतमय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कथा व्यास पूज्य कुलदीप जी महाराज ने भगवान श्रीराम के विवाह उत्सव और उनके अयोध्या आगमन का अत्यंत मनोहारी वर्णन किया। यह भी पढ़ें- सिद्धपीठ सती माता मंदिर में रामकथा के चौथे दिन गूंजा श्रीराम विवाह का उल्लासकथा का वर्णन कथा के चौथे दिन महाराज श्री ने बताया कि राजा जनक की मिथिलापुरी में प्रभु श्रीराम की भव्य बारात पहुंची, जहां चारों भाइयों का विवाह संपन्न हुआ। माता सुनैना ने वैदेही (सीता) को संस्कारों से सुसज्जित करके कहा की ससुराल को ही कर्म भूमि समझना चाहिए। विवाह के उपरांत जब माता सीता अपनी तीनों बहनों (माण्डवी, उर्मिला और श्रुतकीर्ति...