रुडकी, सितम्बर 24 -- भगवानपुर से करीब छह किलोमीटर दूर चुड़ियाला गांव में स्थित मां चूड़ामणि देवी का प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर है। वर्षों से यहां एक अनोखी परंपरा चली आ रही है, संतान की इच्छा रखने वाले श्रद्धालु यहां से एक लकड़ी का छोटा टुकड़ा चुराकर ले जाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उन्हें शीघ्र संतान की प्राप्ति होती है। जब श्रद्धालुओं की यह मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वे ढोल-नगाड़ों के साथ मां के दरबार में आते हैं और वही लकड़ी का टुकड़ा अपनी संतान के हाथों से मां के चरणों में अर्पित करते हैं। मंदिर के पुजारी पंडित अनिरुद्ध शर्मा के अनुसार, यह स्थान माता सती से जुड़ी पौराणिक कथा के कारण सिद्धपीठ माना जाता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.