नई दिल्ली, अगस्त 9 -- देश में रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामान यानी FMCG (Fast Moving Consumer Goods) की कीमतों पर एक बार फिर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। प्रमुख FMCG कंपनियां सितंबर तिमाही यानी जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान अपने उत्पादों की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। कंपनियों का कहना है कि चीनी, पाम ऑयल और दूसरे कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण उनके मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में कंपनियां सीधे कीमत बढ़ाने के साथ-साथ Shrinkflation का रास्ता भी अपना रही हैं। इसका मतलब है कि पैकेट की कीमत वही रहती है, लेकिन उसमें मिलने वाले सामान की मात्रा यानी ग्रामेज कम कर दी जाती है। इससे ग्राहकों को पहली नजर में कीमत बढ़ी हुई नहीं दिखती, लेकिन उन्हें पहले के मुकाबले कम उत्पाद मिलता है। यह भी पढ़ें- सोना हुआ महंगा, 7 हफ्ते क...