बोकारो, सितम्बर 8 -- पेटरवार। पेटरवार प्रखंड के लेपो स्थित गायत्री शक्तिपीठ से बुढन गोड़ा तक भारतमाला परियोजना फेज-2 के तहत निर्माणाधीन वाराणसी-कोलकाता सिक्सलेन एक्सप्रेसवे निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के कारण एक दर्जन से अधिक किसानों की धान की फसल बर्बाद होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान केमिकलयुक्त स्लैग डस्ट खेतों में फैल गया, जिससे न केवल धान की फसल को नुकसान पहुंचा है बल्कि कृषि भूमि की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि फसल चौपट होने से उनके समक्ष आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्हें चिंता है कि यदि धान का उत्पादन नहीं हुआ तो परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों के आग्रह पर गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी प्रभावित क्षेत्र पहुंचे और निर्माण कार्य का निर...