सिंधु जल समझौता रद्द होने का बुरा असर, पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान में हाहाकार
नई दिल्ली, जून 14 -- पाकिस्तान इस समय एक बेहद गंभीर जल संकट के मुहाने पर खड़ा है। देश के सिंध और बलूचिस्तान प्रांतों में पानी की भारी किल्लत के कारण कृषि, आम जनजीवन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। सिंचाई नेटवर्क पर बढ़ते दबाव और प्रांतों के बीच पानी के असमान बंटवारे को लेकर उपजे विवाद ने इस स्थिति को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है। सुक्कुर बैराज कंट्रोल रूम से मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सिंध प्रांत को मिलने वाले पानी में इस समय 39.6 प्रतिशत (लगभग 40%) की भारी कमी दर्ज की गई है। सुक्कुर बैराज पर पानी की कुल आवक 50,620 क्यूसेक है, जबकि निकासी केवल 32,120 क्यूसेक हो पा रही है। सिंध की सात मुख्य नहरों के लिए कुल 53,200 क्यूसेक पानी आवंटित है, लेकिन वर्तमान में उन्हें 21,080 क्यूसेक कम पानी मिल रहा है।अलग-अलग नहर...
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