नई दिल्ली, मई 17 -- भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। भारत ने शनिवार को एक कथित मध्यस्थता अदालत द्वारा 15 मई को जारी किए गए फैसले को पूरी तरह से खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि वह इस अवैध रूप से गठित निकाय को मान्यता नहीं देता है और सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला अब भी लागू है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा, 'अवैध रूप से गठित कथित मध्यस्थता न्यायालय ने 15 मई को अधिकतम जल ग्रहण क्षेत्र से संबंधित एक फैसला दिया है, जो सिंधु जल संधि की सामान्य व्याख्या के मुद्दों पर दिए गए फैसलों का पूरक है। भारत इस तथाकथित फैसले को पूरी तरह से खारिज करता है, ठीक उसी तरह जैसे उसने अवैध रूप से गठित मध्यस्थता न्यायालय के सभी पूर्व निर्णयों को दृढ़ता से खारिज किया ...