बिजनौर, अक्टूबर 1 -- गंगा नदी का जलस्तर घटने के बाद अब सिंचाई विभाग ने रावली तटबंध को स्थायी रूप से मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार करनी शुरू कर दी है। विभाग की इंजीनियरों की टीम बरेली से आई तकनीकी विशेषज्ञों के साथ नावों पर सवार होकर नदी की गहराई और लेवलिंग का सर्वे कर रही है। ड्रोन कैमरों से भी तटबंध के क्षतिग्रस्त हिस्सों की तस्वीरें ली जा रही हैं। गौरतलब हो कि 9 किलोमीटर लंबा अप्लेक्स बांध वर्ष 1984 में गंगा बैराज पुल के साथ रावली तक बनाया गया था। पिछले दिनों अचानक गंगा के तेज बहाव ने इस तटबंध को अपनी चपेट में ले लिया। 7 सितंबर को करीब 1200 मीटर तटबंध और उस पर बनी पक्की सड़क नदी में समा गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग ने भारी मशीनरी और मजदूरों के साथ राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीण भी ट्रैक्टर-ट्रॉली और पेड़-बल्लियां लेकर प...
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