नई दिल्ली, मई 30 -- नई दिल्ली। देश में बढ़ती आबादी, कृषि और पशुधन की जरूरतों के कारण वर्ष 2050 तक सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़कर 807 अरब घन मीटर (बीसीएम) तक पहुंच सकती है। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और संरक्षण के लिए जल बजट (वाटर बजटिंग) को जरूरी बताया है।

जल उपयोग का आंकड़ा जल शक्ति मंत्रालय के अनुसार, भारत में ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग होने वाले कुल पानी का 80 से 90 प्रतिशत हिस्सा कृषि कार्यों में खर्च होता है। वहीं, देश में पशुधन की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे पानी की मांग और बढ़ने की संभावना है।

वर्षा और जल उपलब्धता मंत्रालय ने बताया कि भारत में हर साल औसतन 3,880 अरब घन मीटर वर्षा होती है, लेकिन वाष्पीकरण और अन्य प्राकृतिक कारणों से काफी पानी नष्ट हो जाता है। इसके बाद देश में वास्तविक जल उपलब...