ललितपुर, अप्रैल 6 -- ललितपुर। बुंदेलखंड स्थित ललितपुर जनपद में किसानों ने रबी की पककर तैयार फसलें काटने के साथ जायद के सीजन में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। सबसे अधिक 11,525 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लौकी, कद्दू, तरोई, खीरा, टमाटर आदि सब्जियां बोने के साथ 8,000 हेक्टेयर में मूंग बोई जा रही है। सिंचाई के बेहतर संसाधन रखने वाले किसान लाभ उठा रहे हैं। आम तौर पर एक वर्ष में तीन फसल चक्र रबी, जायद और खरीफ होते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में किसान इन तीनों चक्रों में फसलों की बुआई करते हैं लेकिन बुंदेलखंड की भौगोलिक परिस्थितियों, जलवायु और पानी की कमी के कारण यहां रबी और खरीफ में ही फसलें बोई जाती हैं। जायद में बहुत कम क्षेत्रफल में फसलों की बुआई होती है। ललितपुर जनपद में रबी के दौरान साढ़े तीन लाख और खरीफ में सवा तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फस...
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