साहिल-मुस्कान का व्यवहार सामान्य नहीं, अपराधबोध भी नहीं, कोर्ट ने गिनाए फांसी देने के कारण
नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- मेरठ, प्रमुख संवाददाता। नीला ड्रम कांड करने वाले साहिल और मुस्कान की समाज में वापसी की संभावना नहीं है। उन्होंने जिस तरह से अपराध किया, उसके बाद कई ऐसी घटनाएं हुई। नीला ड्रम पारिवारिक रिश्ते में आतंक का पर्याय बन गया। कोर्ट ने माना कि दोनों आरोपियों का परिवार से कोई खास ताल्लुक नहीं है और न ही उनमें सुधार की संभावना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि सुनवाई के दौरान भी दोषियों में कोई अपराध बोध नहीं दिखाई दिया। ऐसे में अपराध को विरल से विरलतम श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड को सही ठहराया। कोर्ट ने माना कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ के विश्वास और प्रेम को बड़ी बेरहमी से कुचला। सौरभ राजपूत को एक क्रूर मौत का शिकार बनना पड़ा। कोर्ट ने कहा कि पारिवारिक रिश्ते में यह कुरूपता घटना को विरलतम बनाती है। कोर्ट ने आदेश में लिखा है कि साह...
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