साहिबगंज, दिसम्बर 20 -- गणना में खुलासा: साहिबगंज। जिले के जंगलों में अब भी कई दुर्लभ जानवर उपलब्ध हैं। यह खुलासा अखिल भारतीय बाघ गणना 2026 के दौरान हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से राज्य वन विभाग ,एनजीओ व भारतीय वन्य जीव संस्थान के साथ साझेदारी से यह गणना की गई। दरअसल, राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक चार साल पर बाघों की गणना होती है। इसबार यह गणना आगामी 22 दिसम्बर तक चलेगी। अंतिम दो दिन वल्चर (गिद्ध)व अन्य पक्षियों की गणना होनी है। बाघ गणना के दौरान यहां के जंगलों में लकड़बग्घा (हाइना),गोल्डन जैकल,जंगली सूअर(वाइल्ड बोर) सरीखे जानवरों के मल (स्कैट) व पैर के निशान जंगलों में कई स्थानों पर मिले हैं। बाघ गणना में जुटे वन विभाग की टीम ने चीजों को एकत्र कर जांच के लिए भेज दिया है। खासतौर पर तीनपहाड़ व तालझारी से सटे पहाड़ी जंगल व बोरिय...
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