साहित्य से दूर हो रही युवा पीढ़ी को जोड़ने की जरुरत-:डॉ. गया सिंह
चंदौली, अगस्त 2 -- सकलडीहा, हिन्दुस्तान संवाद। हरिश्चंद्र पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. गया सिंह ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज की आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है। उनके साहित्य में भारतीय समाज की झलक देखने को मिलती है। आज भी उनकी रचनाएं हमारे समाज के लिए प्रासंगिक हैं। उसे सहेजने और गहराई से पढ़ने की जरूरत है। वह सकलडीहा पीजी कालेज में 'प्रेमचंद के सपनों' पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी साहित्य का गहन अध्ययन नहीं कर रही है। यह चिंता का विषय है, उन्होंने विश्वविद्यालयों और कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे साहित्यकारों की रचनाओं से जुड़े और उनका अध्ययन करें। यह भी पढ़ें- जयंती पर साहित्यकारों ने मुंशी प्रेमचंद को किया याद प्रेमचंद के ...
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