हापुड़, मार्च 14 -- जेएमएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स हापुड़ में मानव कल्याण के लिए साहित्य का योगदान विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन एसोसिएशन फॉर इंग्लिश स्टडीज ऑफ इंडिया (एईएसआई) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें देश भर के विभिन्न प्रदेशों के विश्वविद्यालयों से आए प्रोफेसर्स ने मानव कल्याण के लिए साहित्य का योगदान सहित राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर खुलकर अपने विचार प्रकट किए।बतौर मुख्य वक्ता अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के प्रो.एम रिजवान खान ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है, जो करुणा, सहानुभूति और न्याय की भावना को जगाता है। उन्होंने साहित्य को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम बताया। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी की प्रो. निशा सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर बोलते हुए कहा कि यह शिक्षा नीति अच्छी बनी थी, लेकिन ...