लखनऊ, मार्च 18 -- साहित्य, फिल्म और पत्रकारिता में सकारात्मक अभिव्यक्ति राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाती है। यह बात लखनऊ विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर रवीन्द्र प्रताप सिंह ने कही। वह मंगलवार को भारतीय महाविद्यालय फर्रुखाबाद और छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की ओर से आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल रहे। प्रोफेसर सिंह ने कहा कि साहित्य ने समय के साथ सरल और समझने में आसान रूप से लेकर जीवन और दर्शन के विश्लेषण तक कई चरण पार किए हैं। अब यह ऐसा पड़ाव है, जहां क्रिटिकल सोच के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक महाशक्ति के रूप में उभर रहा है, ऐसे में लेखकों, फिल्मकारों और मीडिया से जुड़े लोगों का जिम्मेदार और सकारात्मक योगदान जरूर...
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